मोनाल टॉप ट्रेक गाइड 2026 पूरा मार्ग और अनुभव

 🏔️ मोनाल टॉप यात्रा मार्गदर्शिका: उत्तराखंड का छुपा हुआ स्वर्ग

Monal Top

उत्तराखंड अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, शांत वादियों और अनछुए पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक है मोनाल टॉप, जो अभी भी भीड़-भाड़ से दूर एक शांत और रोमांचक जगह है। यह यात्रा खास उन लोगों के लिए है जो प्रकृति, ट्रेकिंग और पहाड़ों से सच्चा लगाव रखते हैं।

🚗 मोनाल टॉप कैसे पहुँचें

देहरादून से यात्रा की शुरुआत होती है—

  • देहरादून से ऋषिकेश
  • ऋषिकेश से NH7 होते हुए सीधे कर्णप्रयाग
  • कर्णप्रयाग से NH109K के रास्ते थराली
  • थराली से ब्रांच रोड पकड़कर देवाल → लोहाजंग→वाण

👉 वाण इस यात्रा का आख़िरी मोटर रोड स्टॉप है।

🏨 लोहाजंग में ठहरने की सुविधा

लोहाजंग में आपको रुकने के लिए अच्छे होटल और होमस्टे आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ रुककर आप आसपास के नज़ारों का आनंद ले सकते हैं।

लोहाजंग से ऐजन टॉप घूम सकते हो लगभग 2 घंटे का रास्ता है। (आना-जाना)

रास्ते भर शानदार पहाड़ी दृश्य देखने को मिलते हैं। 

अगले दिन आप वाण गाँव के लिये प्रस्थान कर सकते हैं। वाण गाँव में आपको रुकने के लिए होमस्टे आसानी से मिल जायेगे। यहा से Monal Top के लिए रास्ता है। 


 मोनाल टॉप की चढ़ाई – असली रोमांच


यहाँ ध्यान देने वाली एक बहुत ज़रूरी बात है 👇

⚠️ Google Map पर जो मोनाल टॉप दिखाया गया है, वह वास्तविक टॉप नहीं है।

असली मोनाल टॉप उससे लगभग 3–4 किलोमीटर ऊपर स्थित है।

चढ़ाई काफ़ी कठिन है। 

रास्ता खड़ा और रोमांच से भरा हुआ है। 

लेकिन ऊपर पहुँचते ही सारी थकान दूर हो जाती है। 

🌄 मोनाल टॉप से दिखने वाले नज़ारे



टॉप पर पहुँचकर आपको मिलेगा—

चारों ओर फैली भव्य पर्वत श्रृंखलाएँ

बर्फ़ से ढकी चोटियाँ (मौसम के अनुसार)

दूर से ब्रह्मताल जाने वाला एक छोर (रास्ता) भी दिखाई देता है। 

यह जगह फ़ोटोग्राफी, ध्यान और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

❄️ हमारा अनुभव

हम इस साल जनवरी में, बर्फ़बारी शुरू होने से ठीक पहले मोनाल टॉप गए थे।

उस समय मौसम ठंडा था लेकिन रास्ते खुले हुए थे, जिससे यात्रा और भी यादगार बन गई।

अगर आप उत्तराखंड में किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जो—

कम प्रसिद्ध हो

रोमांच से भरी हो

और प्रकृति के बेहद क़रीब हो

तो मोनाल टॉप आपके लिए एक परफ़ेक्ट डेस्टिनेशन है।

🏔️ यह यात्रा सिर्फ़ एक ट्रिप नहीं, बल्कि पहाड़ों से जुड़ने का अनुभव है।

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